स्मार्टफोन में नया ऐप इंस्टॉल करते ही स्क्रीन पर लगातार कई तरह की परमिशन मांगने वाले मैसेज आने लगते हैं। कोई ऐप आपकी लोकेशन जानना चाहता है, तो कोई आपके फोन के कॉन्टैक्ट्स या कैमरे का एक्सेस मांगता है। कई बार यूज़र बिना पढ़े लगातार Allow पर टैप करते चले जाते हैं। थोड़ी देर बाद यह सवाल मन में उठना स्वाभाविक है कि एक साधारण फोटो एडिटर या टॉर्च ऐप को आपकी लोकेशन या कॉल लॉग की जरूरत क्यों है?
एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में परमिशन कंट्रोल एक ऐसा सुरक्षा कवच है, जो आपकी निजी जानकारी को ऐप्स के अनचाहे इस्तेमाल से बचाता है। अगर सही तरीके से परमिशन को मैनेज न किया जाए, तो बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं, माइक्रोफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं या आपकी निजी तस्वीरों तक पहुंच बना सकते हैं। अच्छी बात यह है कि एंड्रॉइड में इन सभी एक्सेस को पूरी तरह से कंट्रोल करने के आसान टूल मौजूद हैं।
एंड्रॉइड ऐप परमिशन क्या हैं और ये काम कैसे करती हैं?
सुरक्षा के लिहाज से एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम हर ऐप को एक अलग सुरक्षित दायरे में चलाता है। इसे तकनीकी भाषा में सैंडबॉक्सिंग कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई भी ऐप आपकी अनुमति के बिना फोन के किसी अन्य हिस्से या हार्डवेयर फीचर्स को एक्सेस नहीं कर सकता। जब किसी ऐप को आपकी फोटो, GPS लोकेशन या कैमरे की जरूरत होती है, तो उसे ऑपरेटिंग सिस्टम से अनुमति मांगनी पड़ती है।
पुराने एंड्रॉइड वर्ज़न में ऐप डाउनलोड करते समय ही सारी परमिशन एक साथ देनी पड़ती थी। अब नए एंड्रॉइड वर्ज़न में रनटाइम परमिशन का फीचर मिलता है। इसका मतलब है कि जब ऐप किसी खास फीचर का इस्तेमाल करता है, केवल तभी वह आपसे अनुमति मांगता है। उदाहरण के लिए, जब आप किसी चैट ऐप में पहली बार वॉइस मैसेज रिकॉर्ड करने की कोशिश करते हैं, तब माइक्रोफोन का एक्सेस मांगा जाता है।
संवेदनशील परमिशन की पहचान और उनका जोखिम
स्मार्टफोन में सभी परमिशन एक समान जोखिम वाली नहीं होतीं। इंटरनेट एक्सेस जैसी सामान्य परमिशन ऐप को खुद मिल जाती हैं, लेकिन संवेदनशील डेटा से जुड़ी परमिशन के लिए आपकी स्पष्ट अनुमति जरूरी होती है।
लोकेशन परमिशन ऐप को आपकी सटीक भौगोलिक स्थिति की जानकारी देती है। मैप्स और राइड-शेयरिंग ऐप्स के लिए यह जरूरी है, लेकिन किसी कैलकुलेटर या गेम ऐप के लिए इसकी कोई उपयोगिता नहीं है। लोकेशन में दो विकल्प होते हैं: सटीक (Precise) और अनुमानित (Approximate)। मौसम बताने वाले ऐप्स के लिए अनुमानित लोकेशन काफी होती है।
कैमरा और माइक्रोफोन परमिशन सीधे आपकी प्राइवेसी से जुड़ी हैं। अगर किसी संदिग्ध ऐप को यह एक्सेस मिल जाए, तो वह आपकी जानकारी के बिना बैकग्राउंड में ऑडियो रिकॉर्ड कर सकता है या फोटो ले सकता है। इसके अलावा कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग और SMS परमिशन के जरिए ऐप्स आपके दोस्तों और रिश्तेदारों के नंबर तथा OTP जैसी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच सकते हैं। वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए इन परमिशन पर कड़ी नजर रखना जरूरी है।
एंड्रॉइड सेटिंग्स में परमिशन रिव्यू करने का आसान तरीका
अगर आपको लगता है कि किसी ऐप को ज़रूरत से ज़्यादा एक्सेस दिया हुआ है, तो आप कभी भी फोन की सेटिंग्स में जाकर उसे बदल सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने एंड्रॉइड फोन की Settings खोलें। इसके बाद Apps या App Management वाले सेक्शन में जाएं।
यहां आपको Permission Manager नाम का विकल्प दिखाई देगा। इस पर टैप करते ही आपके सामने सभी परमिशन की एक सूची आ जाएगी, जैसे Camera, Contacts, Location, Microphone, Photos and Videos आदि। जब आप किसी एक परमिशन पर टैप करेंगे, तो उन सभी ऐप्स की लिस्ट दिख जाएगी जिन्हें वह एक्सेस मिला हुआ है।
दूसरा तरीका किसी एक खास ऐप की परमिशन चेक करने का है। इसके लिए Settings में जाकर Apps खोलें और उस ऐप को चुनें जिसकी जांच करनी है। ऐप की जानकारी वाले पेज पर Permissions का विकल्प दिखेगा। यहां से आप सीधे उस ऐप के लिए किसी भी एक्सेस को चालू या बंद कर सकते हैं।
परमिशन सेटिंग्स के 4 मुख्य विकल्प और उनका सही उपयोग
जब आप किसी ऐप की परमिशन सेटिंग्स बदलते हैं, तो आमतौर पर आपको चार मुख्य विकल्प मिलते हैं। सही विकल्प चुनकर आप अपने फोन की सुरक्षा और ऐप के काम करने की क्षमता के बीच सही संतुलन बना सकते हैं।
- Allow all the time (हमेशा अनुमति दें): यह विकल्प ऐप को हर समय एक्सेस की अनुमति देता है, भले ही आप ऐप का इस्तेमाल न कर रहे हों। यह केवल नेविगेशन ऐप्स या सुरक्षा ऐप्स के लिए ही सही माना जाता है।
- Allow only while using the app (केवल ऐप इस्तेमाल करते समय): यह सबसे सुरक्षित और व्यावहारिक विकल्प है। जब ऐप स्क्रीन पर खुला होगा, तभी वह कैमरे या लोकेशन का इस्तेमाल कर पाएगा। ऐप बंद होते ही एक्सेस रुक जाता है।
- Ask every time (हर बार पूछें): जब भी ऐप को किसी सेंसर या डेटा की जरूरत होगी, स्क्रीन पर एक पॉप-अप आएगा। संवेदनशील फीचर्स जैसे माइक्रोफोन या पेमेंट ऐप्स के लिए यह विकल्प बहुत फायदेमंद है।
- Don’t allow (अनुमति न दें): इस विकल्प को चुनने पर ऐप को उस फीचर का एक्सेस बिल्कुल नहीं मिलता। अगर कोई ऐप बिना किसी वजह के आपकी लोकेशन मांग रहा हो, तो यही विकल्प चुनें।
प्राइवेसी डैशबोर्ड और ऑटो-रिसेट फीचर्स का फायदा उठाएं
आधुनिक एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए कई नए टूल्स शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे मुख्य Privacy Dashboard है। यह डैशबोर्ड आपको पिछले 24 घंटों की पूरी टाइमलाइन दिखाता है कि किस ऐप ने कब आपके कैमरे, माइक्रोफोन या लोकेशन का इस्तेमाल किया है। यदि कोई ऐप आपकी गैर-मौजूदगी में बैकग्राउंड में डेटा एक्सेस कर रहा है, तो इस डैशबोर्ड के जरिए आप तुरंत उसकी पहचान कर सकते हैं।
इसके अलावा, जब भी कोई ऐप आपके फोन का कैमरा या माइक्रोफोन सक्रिय करता है, तो स्क्रीन के ऊपरी कोने (Status Bar) में एक हरे रंग का डॉट दिखाई देता है। यदि आप कोई ऐप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और फिर भी वह हरा डॉट दिखाई दे, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं और हाल ही में खुली ऐप्स को बंद करके सेटिंग्स जांचें।
एंड्रॉइड में Pause app activity if unused या ऑटो-रिसेट नाम का एक और उपयोगी फीचर होता है। अगर आप किसी ऐप का इस्तेमाल महीनों तक नहीं करते हैं, तो एंड्रॉइड सुरक्षा कारणों से उसकी सभी दी गई परमिशन खुद-ब-खुद रद्द कर देता है। जब आप भविष्य में कभी उस ऐप को दोबारा खोलेंगे, तो वह आपसे नए सिरे से अनुमति मांगेगा।
विभिन्न स्मार्टफोन ब्रांड्स में सेटिंग्स के अंतर
एंड्रॉइड एक खुला ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसलिए अलग-अलग स्मार्टफोन कंपनियां जैसे Samsung, Xiaomi, OnePlus, RealMe और Google अपने हिसाब से फोन का इंटरफेस डिज़ाइन करती हैं। इस वजह से सेटिंग्स के नाम और मेन्यू की जगह थोड़ी भिन्न हो सकती है।
उदाहरण के लिए, Samsung के Phones में आपको Settings > Security and Privacy > Permission Manager का पाथ मिल सकता है। वहीं Stock Android (Pixel या Motorola) में यह Settings > Privacy > Permission Manager के रूप में रहता है। Xiaomi के HyperOS या MIUI में प्राइवेसी प्रोटेक्शन नाम से अलग ऐप या सेक्शन होता है।
यदि आपको अपने फोन में परमिशन मैनेजर का विकल्प ढूंढने में परेशानी हो रही हो, तो सबसे आसान तरीका सेटिंग्स के सबसे ऊपर दिए गए सर्च बार का इस्तेमाल करना है। सर्च बार में केवल
