मोबाइल डेटा जल्दी खत्म हो जाता है? इन प्रैक्टिकल सेटिंग्स से बढ़ाएं अपने इंटरनेट की लाइफ

अगर आपके फोन का 1.5GB या 2GB daily data बिना ज्यादा इस्तेमाल के ही खत्म हो जाता है, तो इन सिस्टम सेटिंग्स, बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्शन और ऐप ऑप्टिमाइजेशन ट्रिक्स की मदद से अपना मोबाइल इंटरनेट बचाएं।

How-ToSlow changing

दिन की शुरुआत हुए अभी कुछ ही घंटे बीते होते हैं और फोन की स्क्रीन पर मैसेज आ जाता है कि आपका 80 प्रतिशत डेली डाटा इस्तेमाल हो चुका है। आप सोचने लगते हैं कि आपने न तो कोई बड़ी मूवी डाउनलोड की और न ही घंटों कोई HD वीडियो देखा, फिर इतना सारा इंटरनेट कहां खर्च हो गया। यह समस्या आज अधिकतर स्मार्टफोन यूजर्स के साथ होती है। आधुनिक ऐप्स लगातार इंटरनेट से जुड़े रहने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिसकी वजह से वे स्क्रीन बंद होने पर भी बैकग्राउंड में डेटा की खपत करते रहते हैं।

स्मार्टफोन में ऐसी कई सेटिंग्स मौजूद होती हैं, जिन्हें अगर सही तरीके से कॉन्फ़िगर न किया जाए, तो इंटरनेट बैलेंस बहुत तेजी से खत्म होता है। अच्छी बात यह है कि आपको अपने रोजमर्रा के जरूरी कामों को रोकने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बस अपने फोन की कुछ बेसिक सेटिंग्स, जैसे कि बैकग्राउंड डेटा, मीडिया ऑटो-डाउनलोड, वीडियो स्ट्रीमिंग क्वालिटी और नेविगेशन मोड में छोटे बदलाव करके आप रोजाना कई सौ मेगाबाइट (MB) डेटा बचा सकते हैं। आइए समझते हैं कि इन सेटिंग्स को किस तरह से एडजिस्ट किया जाता है।

1. बैकग्राउंड डेटा को रिस्ट्रिक्ट करना सीखें

जब आप अपने फोन में किसी ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहे होते हैं, तब भी वह ऐप इंटरनेट से डेटा रिसीव या ट्रांसमिट कर रहा होता है। इसे बैकग्राउंड डेटा कहा जाता है। सोशल मीडिया ऐप्स, न्यूज ऐप्स, वेदर ऐप्स और गेमिंग ऐप्स समय-समय पर नए कंटेंट, विज्ञापनों और नोटिफिकेशन्स को सिंक करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करते रहते हैं। अगर आपके फोन में दर्जनों ऐप्स इंस्टॉल हैं, तो यह छोटी-छोटी खपत मिलकर बहुत बड़ा रूप ले लेती है।

Android स्मार्टफोन में बैकग्राउंड डेटा बंद करने के लिए आपको फोन की Settings में जाना होगा। इसके बाद Apps या App Management वाले सेक्शन में जाएं। यहां आपके फोन में मौजूद ऐप्स की लिस्ट दिखाई देगी। जिस ऐप को आप रोजाना इस्तेमाल नहीं करते हैं या जिसकी तुरंत नोटिफिकेशन आपको नहीं चाहिए, उस पर टैप करें। इसके बाद Mobile Data & Wi-Fi या Data Usage विकल्प में जाकर Background Data के टॉगल को ऑफ कर दें।

iPhone (iOS) यूजर्स के लिए यह प्रक्रिया Background App Refresh के नाम से जानी जाती है। इसके लिए Settings में जाएं, फिर General पर टैप करें और Background App Refresh विकल्प को चुनें। आप इसे पूरी तरह बंद कर सकते हैं या फिर सिर्फ कुछ चुनिंदा ऐप्स के लिए इसे केवल Wi-Fi पर सेट कर सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आप इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp या ईमेल ऐप्स का बैकग्राउंड डेटा बंद कर देते हैं, तो जब तक आप ऐप को खुद ओपन नहीं करेंगे, तब तक नए मैसेज या मेल का नोटिफिकेशन स्क्रीन पर दिखाई नहीं देगा। इसलिए बैकग्राउंड डेटा केवल उन्हीं ऐप्स का बंद करें जो आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी नहीं हैं।

2. मैसेजिंग और सोशल मीडिया ऐप्स में मीडिया ऑटो-डाउनलोड बंद करें

मैसेजिंग ऐप्स में रोजाना आने वाली तस्वीरें, ऑडियो फाइल्स और HD वीडियो मोबाइल डेटा खत्म होने का एक बड़ा कारण होते हैं। बाय डिफॉल्ट, WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स में यह सेटिंग इनेबल रहती है कि जब भी कोई मीडिया फाइल प्राप्त हो, वह अपने आप आपके फोन में डाउनलोड हो जाए। अगर आप कई सारे ग्रुप्स का हिस्सा हैं, तो बिना आपकी जानकारी के सैकड़ों MB डेटा इन्हीं फाइल्स को डाउनलोड करने में खर्च हो जाता है।

WhatsApp में इसे बदलने के लिए ऐप की Settings में जाएं और Storage and Data विकल्प पर क्लिक करें। यहां आपको Media Auto-Download का सेक्शन मिलेगा। इसमें व्हेन यूजिंग मोबाइल डेटा (When using mobile data) पर टैप करें और सभी ऑप्शंस जैसे Photos, Audio, Videos और Documents से टिक मार्क हटा दें। इसका सीधा मतलब यह है कि जब आप मोबाइल इंटरनेट पर होंगे, तो कोई भी फोटो या वीडियो तब तक डाउनलोड नहीं होगा जब तक आप खुद उस पर टैप नहीं करेंगे।

इसी तरह Instagram और Facebook जैसे सोशल मीडिया ऐप्स में वीडियो अपने आप प्ले होने लगते हैं। इसे ऑटो-प्ले (Autoplay) कहा जाता है। Instagram में अपनी प्रोफाइल पर जाएं, फिर Menu में जाकर Settings and Privacy को चुनें। यहां Data Usage and Media Quality में जाकर Data Saver मोड ऑन कर दें और हाई रिज़ॉल्यूशन मीडिया को केवल Wi-Fi पर सेट करें। Facebook ऐप की सेटिंग्स में जाकर भी Autoplay Videos को Never Autoplay Videos या Only on Wi-Fi पर सेट करें।

3. सिस्टम लेवल पर Data Saver मोड इनेबल करें

स्मार्टफोन ऑपरेटर्स ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर ही एक पावरफुल डेटा सेविंग टूल प्रदान करते हैं। Android में इसे Data Saver कहा जाता है, जबकि iOS में इसे Low Data Mode के नाम से जाना जाता है। यह फीचर ऑन होते ही फोन खुद-ब-खुद नेटवर्क यूसेज को कंट्रोल करने लगता है और अनचाहे बैकग्राउंड ट्रैफिक को रोक देता है।

Android डिवाइस में Data Saver चालू करने के लिए Settings में जाएं, Network & Internet या Connections विकल्प को चुनें और Data Saver पर टैप करके इसे स्विच ऑन कर दें। जब यह मोड ऑन होता है, तो केवल वही ऐप डेटा एक्सेस कर पाता है जिसे आप अपनी स्क्रीन पर इस्तेमाल कर रहे होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि कोई खास ऐप जैसे Google Maps या UPI पेमेंट्स ऐप बिना किसी रुकावट के काम करे, तो आप उसे Unrestricted Data Access की लिस्ट में जोड़ सकते हैं।

iOS यूज़र्स Mobile Data सेटिंग्स में जाकर Low Data Mode ऑन कर सकते हैं। इसके लिए Settings में जाएं, Mobile Data (या Cellular) पर टैप करें, Mobile Data Options चुनें और Low Data Mode के सामने दिए गए स्विच को इनेबल कर दें। यह मोड ऑटोमैटिक क्लाउड बैकअप और ऑटो-डाउनलोड्स को तब तक रोक कर रखता है जब तक आप वापस किसी Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट नहीं हो जाते।

4. वीडियो और ऑडियो स्ट्रीमिंग क्वालिटी को मैनुअली एडजिस्ट करें

इंटरनेट डेटा का सबसे बड़ा हिस्सा वीडियो और म्यूजिक स्ट्रीमिंग में खर्च होता है। high definition (1080p या 4K) में वीडियो देखना देखने में तो बहुत अच्छा लगता है, लेकिन यह प्रति मिनट दर्जनों MB डेटा कंज्यूम करता है। उदाहरण के लिए, 1080p रिज़ॉल्यूशन में एक घंटे की वीडियो स्ट्रीमिंग लगभग 1.5GB से 3GB तक डेटा आसानी से खत्म कर सकती है, जबकि 480p या 360p पर यही वीडियो केवल कुछ सौ MB में देखी जा सकती है।

YouTube पर वीडियो देखते समय हमेशा ऑटो क्वालिटी पर निर्भर न रहें। वीडियो स्क्रीन पर बने गियर (Settings) आइकॉन पर क्लिक करें, Quality विकल्प चुनें और Advanced में जाकर 360p या 480p सेलेक्ट करें। अगर आप केवल जानकारी या लेक्चर सुन रहे हैं, तो 240p या 360p क्वालिटी काफी होती है। इसके अलावा YouTube App की अपनी सेटिंग्स में जाकर Video Quality Preferences को Higher Image Quality से हटाकर Data Saver मोड पर सेट कर दें।

म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स जैसे Spotify, YouTube Music या Wynk में भी ऑडियो क्वालिटी की सेटिंग्स होती हैं। म्यूजिक ऐप्स में सेटिंग्स मेनू में जाकर Streaming Quality over Mobile Network को Normal या Low पर सेट करें। Very High ऑडियो क्वालिटी मोबाइल नेटवर्क पर काफी अधिक डेटा इस्तेमाल करती है।

5. गूगल मैप्स को ऑफलाइन मोड में इस्तेमाल करें

यात्रा करते समय या किसी नई जगह जाते वक्त Google Maps का उपयोग हम सभी करते हैं। जीपीएस और लाइव ट्रैफिक अपडेट्स के साथ मैप्स का लगातार लोड होना काफी डेटा कंज्यूम करता है। अगर आप अपने शहर में या किसी तय रूट पर रोज ट्रैवल करते हैं, तो आप उस इलाके का मैप पहले से डाउनलोड करके रख सकते हैं।

Google Maps में ऑफलाइन मैप डाउनलोड करने के लिए ऐप खोलें और अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें। इसके बाद Offline Maps विकल्प को चुनें। Select Your Own Map पर क्लिक करें और उस एरिया को बॉक्स के अंदर एडजस्ट करें जिसे आप सेव करना चाहते हैं। अब Download पर टैप कर दें। इस काम को घर या ऑफिस के Wi-Fi पर कर लेना सबसे बेहतर रहता है।

एक बार मैप आपके फोन में डाउनलोड हो जाने के बाद, जब भी आप उस इलाके में नेविगेशन ऑन करेंगे, गूगल मैप्स मोबाइल डेटा की जगह डाउनलोड किए गए ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करेगा। इससे न सिर्फ डेटा की बचत होगी, बल्कि खराब नेटवर्क वाले इलाकों में भी आपका नेविगेशन बिना किसी लैग के सुचारू रूप से चलता रहेगा।

6. ऑटो-अपडेट्स और क्लाउड बैकअप को केवल Wi-Fi पर सेट करें

स्मार्टफोन ऐप्स को बेहतर बनाने और बग्स को ठीक करने के लिए डेवलपर्स लगातार अपडेट्स जारी करते रहते हैं। ये अपडेट्स अक्सर 50MB से लेकर 500MB तक के होते हैं। अगर Google Play Store या Apple App Store में ऑटो-अपडेट्स इनेबल हैं और नेटवर्क टाइप Any Network पर सेट है, तो ऐप डाउनलोड्स बिना किसी चेतावनी के आपके डेली मोबाइल डेटा पैक को खाली कर देंगे।

Google Play Store में इस सेटिंग को बदलने के लिए Play Store ऐप खोलें, ऊपर दाईं ओर अपनी प्रोफाइल पर टैप करें और Settings में जाएं। Network Preferences पर क्लिक करें और Auto-update apps विकल्प में जाकर Over Wi-Fi only को सेलेक्ट करें। App download preference को भी Ask me every time या Over Wi-Fi only पर सेट करें।

इसी प्रकार, फोटो और वीडियोस का क्लाउड बैकअप जैसे Google Photos या Apple iCloud भी काफी डेटा लेता है। Google Photos की सेटिंग्स में जाएं, Backup पर क्लिक करें और Cell data usage विकल्प को चुनें। यहां Daily limit for backup को या तो No data पर सेट कर दें या 30MB जैसी सीमित सीमा चुन लें। इससे आपकी गैलरी की बड़ी वीडियो फाइल्स केवल Wi-Fi कनेक्ट होने पर ही गूगल ड्राइव पर अपलोड होंगी।

7. डेटा यूसेज मॉनिटर करें और डेली लिमिट अलर्ट सेट करें

डेटा बचाने का सबसे कारगर तरीका यह जानना है कि कौन सा ऐप सबसे ज्यादा डेटा कंज्यूम कर रहा है। सभी Android और iOS फोन्स में इन-बिल्ट डेटा ट्रैकर मौजूद होता है जो पिछले 30 दिनों का पूरा हिसाब दिखाता है।

अपने Android फोन की Settings में जाकर Mobile Network या Connections पर जाएं और Data Usage पर क्लिक करें। यहां ऐप यूसेज की एक लिस्ट दिखाई देगी जो सबसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले ऐप को सबसे ऊपर दिखाती है। अगर आप देखते हैं कि कोई ऐसा ऐप जिसे आप मुश्किल से इस्तेमाल करते हैं, फिर भी वह गीगाबाइट्स डेटा ले रहा है, तो उस ऐप का बैकग्राउंड डेटा तुरंत बंद कर दें या उसे अनइंस्टॉल कर दें।

साथ ही, अपने फोन में Data Warning और Data Limit सेट करें। इसके लिए Settings > Data Usage > Data Warning & Limit में जाएं। अपने डेली प्लान के हिसाब से (जैसे अगर आपका 1.5GB डेली प्लान है तो 1GB पर) Data Warning ऑन कर दें। इससे जैसे ही आपका 1GB डेटा खत्म होगा, फोन आपको अलर्ट कर देगा। आप चाहें तो Data Limit भी ऑन कर सकते हैं, जिससे तय लिमिट तक पहुंचते ही मोबाइल डेटा अपने आप बंद हो जाएगा।

डेटा बचाने के लिए मुख्य सेटिंग्स की समरी

सेटिंग्स का नाम अनुशंसित कॉन्फ़िगरेशन मुख्य फायदा
Background Data Non-essential ऐप्स के लिए Off स्क्रीन बंद होने पर अनचाही डेटा खपत पर रोक
WhatsApp Auto-Download When Using Mobile Data में All Off अनपेक्षित फाइल्स और वीडियो डाउनलोड नहीं होते
Video Streaming Quality 360p या 480p (या Data Saver मोड) स्ट्रीमिंग के दौरान डेटा खपत में भारी कमी
App Auto-Updates Over Wi-Fi Only बड़े ऐप अपडेट्स मोबाइल नेटवर्क पर नहीं होते
Google Maps Offline Maps Downloaded यात्रा के दौरान जीपीएस नेविगेशन में डेटा की बचत
System Data Saver On (iOS में Low Data Mode) पूरे फोन पर डेटा सिंक सीमित रहता है

सामान्य गलतियां जिनसे बचना चाहिए

बहुत से यूजर्स डेटा बचाने के नाम पर थर्ड-पार्टी ‘Data Saver’ या ‘Ram Booster’ ऐप्स इंस्टॉल कर लेते हैं। ये ऐप्स अक्सर बैकग्राउंड में खुद ही ढेरों विज्ञापन दिखाते हैं और डेटा बचाने के बजाय और अधिक इंटरनेट की खपत करते हैं। फोन में पहले से मौजूद सिस्टम सेटिंग्स ही डेटा कंट्रोल करने के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित और असरदार होती हैं।

दूसरी आम गलती यह है कि लोग वाई-फाई से कनेक्ट होने के बाद मोबाइल डेटा को ऑन ही छोड़ देते हैं। हालांकि कई फोन्स में वाई-फाई प्राथमिकता लेता है, लेकिन कमजोर वाई-फाई सिग्नल होने पर फोन ऑटोमैटिकली मोबाइल डेटा पर स्विच कर सकता है (इसे Wi-Fi Assist या Network Switch कहा जाता है)। इसलिए जब भी मजबूत वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध हो, मोबाइल डेटा टॉगल को मैन्युअली बंद कर देना ही बेहतर रणनीति है।

अपनी फोन सेटिंग्स को इन सरल गाइडलाइन्स के अनुसार एडजिस्ट करके आप बिना किसी परेशानी के पूरे दिन अपने मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपनी जरूरत के मुताबिक सेटिंग्स को अनुकूलित करें और किसी भी अनजान ऐप को बैकग्राउंड डेटा का एक्सेस न दें।